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Showing posts from April, 2019

चुनावी बॉण्ड्स

foujibhanwarsingh.blogspot.com चुनावी बॉण्ड्स और सुप्रीम कोर्ट:-सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों  को 30 मई तक चुुनावी बांड से मिले चंदे की जानकारी चुनाव आयोग से साझा करने का निर्देश दिया था, लेकिन चुनावी बोंड पर रोक लगाने से इंकार किया था। चुनावी बोंड पर रोक लगाने की मांग एक गैर- लाभकारी संगठन  ASSOCIATION FOR DEMOCRATIC REFORMS ने चुनावी बांड पर रोक लगाने की मांग की थी । राजनीतिक दलों पर गुमनाम तरीके से चुनावी चंदा लेने का आरोप लगाया गया था ।मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मुद्दे पर विस्तार से सुनवाई करते हुए 12 अप्रैल 2019 को फैसला सुनाया था । चुनावी बांड क्या है ? :- यह एक प्रोमिसरी नोट के रूप में ऋण सुरक्षा है, जिस पर किसी भी प्रकार का  ब्याज नहीं दिया जाता है। 2017 18 के बजट में सरकार ने चुनावी बांड योजना की घोषणा की थी और 2 जनवरी 2018 से योजना लागू हुई ।  चुनावी बांड की खरीद ऐसे व्यक्ति द्वारा की जा सकती है जो भारत का नागरिक हो या भारत में निगमित या स्थापित हो।  व्यक्ति विशेष के रूप में कोई भी व्यक्ति एकल रूप से या अन्य व्यक्तिय...

Earth day 2019

1970 से हर साल 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है । वर्ष 2019 की थीम "PROTECT OUR SPECIES"। पृथ्वी दिवस की अगुवाई दुनिया भर में पृथ्वी दिवस नेटवर्क(EARTH DAY NETWORK) नामक संगठन करता है । पृथ्वी दिवस 2018 की थीम एंड प्लास्टिक पॉल्यूशन (END PLASTIC POLLUTION) रही थी। भूमिका :-   1970 में आए आधुनिक पर्यावरण आंदोलन के उद्भव की वर्षगांठ का प्रतीक ही पृथ्वी दिवस है जो कि 1970 से हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है । पृथ्वी दिवस के संस्थापक GAYLORD NELSON ने पर्यावरण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इसे एक राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का विचार लाया था । 1970 में आयोजित पृथ्वी दिवस ने उस उभरती हुई चेतना को आवाज दी थी जिसने युद्ध विरोधी आंदोलन की ऊर्जा को प्रसारित किया और पर्यावरण की चिंताओं को सामने रखा कार्यप्रणाली :- पृथ्वी दिवस ENDANGERED & THREATENED SPECIES  जैसे मधुमक्खी, प्रवाल भित्ति, हाथी, जिराफ, कीड़े-मकोड़े व्हेल आदि की रक्षा के लिए मिलकर काम करने की बात करता है। 2020 में पृथ्वी दिवस की 50वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी । 2020 में आयोजित होने वाले पृथ्वी दिवस के लिए ...

THE ROYAL DISEASE : HEMOPHILIA or BLEEDER'S DISEASE

जी हां मित्रों, आपने बिल्कुल सही पढ़ा है। एक ऐसी भी बीमारी है जिसे THE ROYAL DISEASE के नाम से जाना जाता है और उस बीमारी का नाम है हीमोफीलिया।  www. foujibhanwarsingh.blogspot.com हीमोफीलिया क्या है ? :-सामान्यत: यह एक वंशानुगत बीमारी है जो कि माता-पिता के जीन से संचारित होती है इस रोग में रक्त का थक्का नहीं जमता है। वास्तव में हीमोफीलिया एक सेक्स लिंक्ड रिसेसिव डिसऑर्डर या X-linked  डिजीज है। हीमोफीलिया होने की स्थिति:-यदि पिता को हीमोफीलिया है और माता को नहीं है तब ऐसी स्थिति में कोई भी पुत्र हीमोफीलिया से ग्रसित नहीं होगा। जबकि समस्त पुत्रियां हीमोफीलिया जीन की वाहक होगी।  यदि माता हीमोफीलिया जीन के लिए वाहक है और पिता सामान्य है तो ऐसी स्थिति में 50% पुत्र हिमोफीलिया से पीड़ित होंगे और 50% पुत्रियां हिमोफीलिया की वाहक होगी। स्त्रियों को हिमोफीलिया तभी हो सकता है जब पिता को हिमोफीलिया हो तथा माता हीमोफीलिया जीन की वाहक हो जो कि एक असामान्य स्थिति है। हीमोफीलिया के प्रकार:- हिमोफीलिया दो प्रकार का होता है ।1). हीमोफीलिया A :- हीमोफीलिया का सबसे सामान्य प्रकार होता ह...

लोकपाल

अर्थ /परिचय:- लोकपाल शब्द का अर्थ है लोगों का रक्षक, सार्वजनिक कार्यालयों से " भ्रष्टाचार को खत्म करना" इसका उद्देश्य है।        चर्चा में क्यों :- लोकपाल का चयन करने वाली चयन समिति ने         भारत के पहले लोकपाल प्रमुख का नाम का ऐलान किया है । सुप्रीम  कोर्ट के  पूर्व न्यायाधीश और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के वर्तमान सदस्य पिनाकी चंद्र घोष के नाम को मंजूरी मिली है । प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा यह फैसला लिया गया है। इसी समिति के द्वारा ही अन्य लोकपाल सदस्यों का चयन किया जायेगा । लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम,2013 के तहत लोकपाल की नियुक्ति का प्रावधान है। लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम,2013:- केन्द्र और राज्यों के स्तर पर देश के लिए एक निगरानी और भ्रष्टाचार विरोधी रोडमैप तैयार करना ही इस कानून का उद्देश्य है।  इसके तहत केन्द्र में लोकपाल और राज्यो में लोकायुुक्त की नियुक्ति का प्रावधान हैं।  लोकपाल संस्था की सरंचना :- एक अध्यक्ष  और अधिकतम 8 सदस्य हो सकते हैं। एक चयन समिति सदस्योंंं की नियुक्ति क...

GST

1 जुलाई 2017 से वस्तु और सेवाकर की व्यवस्था लागू कर दी गई है । अब तक सेंट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट या दोनों के द्वारा लगाए जाने वाले सभी के की जगह सिर्फ अक जीएसटी लगेगा जो सभी वस्तु और सेवा के उपर लगेगा। अर्थात एक वस्तु एक एक जीएसटी दर एक देश की तर्ज़ पर काम होगा । 8 सितंबर 2016 को अधिसूचित 101 वें संविधान संशोधन के द्वारा जीएसटी लागू किया गया संविधान में जीएसटी की परिभाषा के अनुसार मानव उपभोग के लिए अल्कोहल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। और इसके साथ ही पांच पेट्रोलियम उत्पादों को अस्थाई रूप से बाहर रखा गया है। जीएसटी लागू करने के लिए संसद ने कुल चार विधेयकों को पारित किया 1. केंद्रीय जीएसटी विधेयक ,2017 2. एकीकृत जीएसटी विधेयक ,2017 3. जीएसटी(राज्यो की क्षतिपूर्ति) विधेयक, 2017 और 4. केंद्रशासित प्रदेश जीएसटी विधेयक ,2017 जीएसटी से मुक्त वस्तुएं === प्राकृतिक मधु , शिक्षा सेवाएं, अंडा,नमक ,गुड,चित्रकला की किताबें,दूध , फूलझाडू,खुला खाद्य पदार्थ,खुला पनीर ,दही, स्वास्थ्य सेवाएं आदि। जीएसटी परिषद की स्ट्रक्चर= अध्यक्ष , उपाध्यक्ष,सदस्य, गणपुर्ती, मान और निर्णय । ...